12 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत में कुंभ नगरी तैयार, योगी करेंगे अगवानी

यूपी के प्रयागराज में कुंभ मेले की तैयारी काफी जोरशोर से चल रही है. कुंभ नगरी को सुविधा संपन्न बनाने के लिए यूपी की योगी सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाह रही. अब तक 32 हेक्टेयर जमीन पर 1 लाख शौचालय तैयार हो चुके हैं. यहां अलग-अलग कार्यों में लगभग 20 हजार कंस्ट्रक्शन मजदूर और इतने ही साफ-सफाई कर्मचारी लगे हैं. कुंभ नगरी का त्रिवेणी संगम 40 हजार एलईडी लाइटों से जगमगा रहा है.

15 जनवरी से कुंभ 2019 का आगाज हो रहा है. हर तरह का कामकाज देखने के लिए अस्थायी प्रशासकीय दफ्तर बनाया गया है, जहां मेला अधिकारियों को डीएम जैसा अधिकार मिला है. कुंभ की तैयारी में पूरे प्रयागराज (पहले इलाहाबाद) में निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं. पूरे शहर को रंग-रोगन किया जा रहा. आध्यात्मिक माहौल के लिए शहर की कई इमारतों को पेंट किया जा रहा है.

फुटपाथ और स्पीड ब्रेकर बनाए जा रहे हैं. शहर की सभी सड़कें होर्डिंग से अटी पड़ी हैं, जिन पर योगी आदित्यनाथ और उनकी पूरी कैबिनेट को मेला आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते दिखाया गया है. 49 दिन तक चलने वाले इस आयोजन में अपनी जगह बुक कराने के लिए हजारों लोगों की भीड़ मेला अधिकारी विजय किरण आनंद के दफ्तर के बाहर जमी दिखती है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक धार्मिक संगठनों को कुंभ नगरी में सभी जरूरी सुविधाओं के साथ रहने के क्वार्टर मुहैया कराए गए हैं.

मेला अधिकारी आनंद ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पूरी कुंभ नगरी को 20 सेक्टर में बांटा गया है जिनमें कुंभ कल्पवासियों के लिए 5 हजार कैंप बनाए जाएंगे. आनंद की मानें तो इस बार कुंभ में 12 करोड़ से ज्यादा लोग पधारेंगे. कुंभ नगरी के ज्यादातर इलाके जूना अखाड़ा और निर्मोही अखाड़े को सौंप दिए गए हैं. अस्पताल, कैंटिन और सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल के अलावा गंगा आरती के लिए भी खास जगह तय की गई है. पूरे प्रयागराज जिले में 38 से भी ज्यादा पांटून पुल बनाए गए हैं.

कुंभ नगरी के लगभग हरेक सेक्टर में पुलिस थाने और फायर ब्रिगेड की टीम तैनात की गई है. यहां 40 थाने बनाए गए हैं, जबकि पूरे प्रयागराज में 42 थाने हैं. 4 मार्च को संपन्न होने वाले कुंभ के लिए 20 हजार पुलिस बलों की तैनाती की गई है. पुलिसकर्मियों को भगदड़ जैसी दशा से निपटने के लिए खास ट्रेनिंग दी गई है. गुमशुदा लोगों की खोजबीन के लिए 15 खोया-पाया सेंटर बनाए जा रहे हैं. कुंभ नगरी का खास फोकस सेक्टर 18 पर है जहां वीआईपी गेट बनाया गया है. यहां 72 देशों के नुमाइंदे पधारेंगे जिनकी अगवानी खुद मुख्यमंत्री योगी करेंगे. रेतीले घाट पर बने इस सेंटर पर सभी 72 देशों के ध्वज लहरा रहे हैं.

9 महीने पहले ही यूनेस्को ने कुंभ मेले को सांस्कृतिक विरासत की श्रेणी में शामिल किया है. इसे देखते हुए यूपी सरकार दिल्ली की केंद्र सरकार से मदद लेकर अर्धकुंभ को यादगार और ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. देश के कोने-कोने की सांस्कृतिक झलक इस मेले में दिखे, इसके लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भी पूरी तैयारी की है. रामलीला और कृष्ण लीला के अलावा अंतरराष्ट्रीय बैले थीम पर आधारित कार्यक्रम भी कराने की योजना है. दुनिया भर से लोग कुंभ नगरी पहुंचे, इसके लिए संस्कृति मंत्रालय ने विज्ञापनों पर भी काफी जोर दिया है.

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